सोमवार, 18 जनवरी 2010
दफ्तर नामा
मै पिछले दस वर्षो से सरकारी दफ्तर में नौकरी कर रहा हूँ, पर ये बात मेरी समझ में अबआई की लोग सरकारी नौकरियो को क्यों प्राथमिकता देते है। मै तृतीय श्रेणी का कर्मचारी हूँ, मुझे आज की तारिख में लगभग रुपये २५,०००/- तनख्वाह मिलती है, जबकि मै शायद 2000/-रूपये का भी काम काम नहीं करता हूँ, आप क्या समझते है क्या मुझे आत्मग्लानी होती होगी? बिलकुल नहीं, क्योंकि मुझसे लगभग पांच गुनी तनख्वाह लेने वाले जब धेले का काम नहीं करते, और फक्र से अपने रुतबे का एहसास करवाते है, तो मुझे क्या पड़ी है? पर दुःख की बात तो ये है की ये सारे लोग मेरी तरह ही सोचते है। केवल कुछ ही लोग अपने कार्य के प्रति समर्पित होते है, पर उन लोगो में एक अवगुण होता है, वो चमचा गिरी नहीं कर सकते, जिसके फलस्वरूप उन्हें ऐसी जगह पर स्थान्तरित किया जाता है जहाँ उनका अपने कार्य के प्रति सारा समर्पण स्वाहा हो जाता है। वो ये नहीं जानते कि यहाँ आपके स्वाभाव में लचीलापन और अवसरवादिता होना बहुत जरूरी है। वो कुछ नया करना चाहते है, जबकि हम अभी भी लार्ड मेकाले के बनाए गए फॉर्मेट पर ही टाइप करते है। यहाँ कोई बदलाव कि बात क्यों नहीं करता? क्योंकि ये ऐसा ढांचा है जो ऊपर बैठे नौकरशाहो और राजनीतिज्ञों के लिए फलदायक है नौकरशाहों का एक तबका जो सारे हिंदुस्तान को अपने गिरफ्त में लिए है, राजनीतिज्ञों के काम करता है, और उनके खिलाफ कोई भी बोलना नहीं चाहता, उसका भी एक कारण है, क्योंकि अधिकतर राजनीतिज्ञ अपनी नैतिक और अनैतिक इच्छाओं को पूरा करने के लिए इन लोगो का इस्तेमाल करते है। और ये नौकरशाह बिना किसी लाग लपेट के अलादीन के जिन की तरह इनकी इच्छाएँ पूरी कर लेते है, तो भला इनको इन काम धेनु रूप नौकरशाहो पर क्यों कुद्रष्टि डालनी? यहाँ दफ्तरों में लोग बड़ी बड़ी बाते करते है, पर काम के नाम पर जीरो होते है। ओबामा से लेकर ओसामा तक को यहाँ बैठे बैठे सलाह दे डालते है। तो अब आप ही बताइए, है न सरकारी नौकरी बढिया?
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swaagat hai bhai
जवाब देंहटाएंsarkaaree karmchaaree jee khoob pol abtaai
सुभाष जी आप बिल्कुल सच कह रहे हैं और इस सच का सामना करने वाला कोई नहीं है।
जवाब देंहटाएंशब्द पुष्टिकरण को हटायेंगे तो बेहतर रहेगा।
Har mahakme me yahi haal hai..har shaakh pe ullu baitha hai,hale gulita kya hoga!
जवाब देंहटाएंहिंदी ब्लाग लेखन के लिये स्वागत और बधाई । अन्य ब्लागों को भी पढ़ें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देने का कष्ट करें
जवाब देंहटाएंइस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
जवाब देंहटाएंcomment ke lie shukriya dosto, mujhe bloging ke bare me jyada kuchh pata nahi hai, par haan, likhna achha lagta hai, jo achha lagta hai likhta hun, YATHARTHWAAD PAR VISHWAS KARTA HUN, ,,,,,,,,,,BASSSSS........
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